नाहरगढ़ प्राणी उद्यान का लोकार्पण

नाहरगढ़ प्राणी उद्यान का लोकार्पण माननीया मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार 4 जून, 2016 को किया गया।

Start Date: 4 June, 2016

End Date:

करीब 80 हैक्टेयर क्षेत्र में फैले इस पार्क की कुल लागत लगभग 19 करोड़ रूपये है। यहां पर निर्मित 21 एनक्लोजरों में जयपुर चिड़ियाघर के सभी जानवरों को स्थानांतरित करने की योजना है।
लोकार्पण के अवसर पर संबोधित करते हुए माननीया मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए शहर के विभिन्न पार्कों व स्कूलों में शाॅर्ट फिल्म/डाॅक्यूमेन्ट्री दिखाने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नाहरगढ़ जूलोजिकल पार्क में निकट भविष्य में लाॅयन और टाइगर सफारी की सुविधा शुरू होगी जिसकी संभावनाएं तलाशी जा रही है। उन्होंने कहा कि नाहरगढ़ जूलोजिकल पार्क के रूप में यहां एक और अध्याय जुड़ गया है जो जयपुर आने वाले पर्यटकों को एक नई अनुभूति देगा। उन्होंने कहा कि वन्य जीवों की लुप्त हो रही दुर्लभ प्रजातियों के लिए संरक्षित प्रजनन के लिए प्राकृतिक आवासों को फिर से पुनःस्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिड़ियाघरों में इंटरशिप कार्यक्रम शुरू किए जाए, जिससे लुप्त होती प्रजातियों को बचाने के लिए शोध करने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि पार्क में वन्य जीवों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि यहां पर्यटक अधिक समय पर रूक सके। उन्होंने उद्यान में मौजूद वन्य जीवों के फैन क्लब बनाने का भी सुझाव दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का संबोधन दिव्यांग समझ सके इसके लिए साइन लैंग्वेज में अनुवाद की भी व्यवस्था की गई थी।
पार्क को लेकर जनता में उत्साहः नाहरगढ़ जूलाॅजिकल पार्क को लेकर जयपुर की जनता में काफी उत्साह नजर आया। उद्घाटन के अगले दिन ही करीब 30 हजार वन्य जीव प्रेमी पार्क में पहुंचे। अधिकारियों को उम्मीद करीब 5000 लोगों केआने की थी, परन्तु पार्क के प्राकृतिक माहौल में शेर-बाघ-बघेरों को देखने के लिए कड़ी धूप के बाजूद भारी तादाद में दर्शक पार्क पहुंचे। यह पार्क आमजन के लिए सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक खुलेगा। मंगलवार के दिन पार्क बंद रहेगा।
पार्क की विशेषताएंः नाहरगढ़ प्राणी उद्यान लगभग 80 हैक्टेयर में विकसित किया गया है जो 780 हैक्टयेर में फैले नाहरगढ़ बायोलाॅजिकल पार्क का हिस्सा है। यहां मांसाहारी, शाकाहारी एवं सर्वाहारी जानवरों के लिए अलग-अलग बनाए गए 21 एन्क्लोजरों में से 14 का निर्माण परियोजना के अंतर्गत हुआ है। पर्यटक एक आकर्षक द्वार से गुजरकर इस पार्क में प्रवेश पाते हैं। जयपुर प्राणी उद्यान के जानवरों के अलावा जूनागढ़ एवं बनरगट्टा से शेर, दिल्ली से सफेद बाघ, लखनऊ से मगरमच्छ एवं पैंथर तथा बिलासपुर से स्लोथ बीयर भी इस पार्क के लिए मंगवाए गए हैं। पर्यटकों की सुविधा एवं मनोरंजन के लिए पार्क में मचान, गजेबो, चिल्ड्रन्स पार्क, इनफोरमेशन कियोस्क आदि लगाए गए हैं। बच्चों के लिए ओपन इंटरप्रेटेशन एरिया भी बनाया गया है जहां पर बच्चे वन्यजीवों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। दिव्यांगों के लिए शौचालय एवं महिला  शौचालय में किड्स कार्नर की सुविधा भी प्रदान की गई है।
पानी के किफायती एवं पूर्ण उपयोग के लिए पार्क में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम एवं वाटर रीसाइक्लिंग की व्यवस्था है। परियोजना अंतर्गत विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण भी किया गया है। ऊर्जा प्रबंधन के लिए सौर ऊर्जा का प्रयोग प्रस्तावित है। पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क में कैफेटेरिया एवं पीने के पानी की व्यवस्था है। एक सोविनियर शाॅप भी खोली गई है जिसका संचालन एक स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है।